रायगढ़ पुलिस की कार्यवाही पर उठे सवाल, सत्यनारायण बाबा पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले आकाश शर्मा को छोड़ कोरबा के पत्रकार को बना दिया मुख्य आरोपी

कोरबा – रायगढ़ के कोसमनारा में लंबे समय से ध्यान में बैठे सुप्रसिद्ध बाबा सत्यनारायण जी न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी अपनी पहचान बना चुके है जहां पूरे देश से लोग इनके दर्शन करने आते है। परंतु हालही में एक स्थानीय निवासी पिता के पुत्र से बाबा सत्यनारायण को खेलते और प्रेम करते वीडियो जो स्वयं उनके पिता ने बनाया था को सोशल मीडिया में डाला। इसी वीडियो को लेकर आकाश शर्मा नामक एक व्यक्ति द्वारा अशोभनीय, और अभद्र टिप्पणी करते हुए वीडियो डालकर इसे गलत तरीके से प्रचारित कर दिया।

असली अपराधी बाहर, नाराजगी दूर करने कोरबा पत्रकार को बना दिया मुख्य आरोपी !

यह वीडियो जब एक सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर आकाश शर्मा जिसका इंस्ट्राग्राम आईडी aakashvibesss है के द्वारा बाबा की इस वीडियो में दिखे बालक को बच्ची कहते हुए अशोभनीय, निंदनीय और अपमानजनक टिप्पणी की गई जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और बवाल मच गया। मामले में आहत स्थानीय सर्व साहू समाज और स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस प्रशासन से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी। मामले में त्वरित कार्यवाही करने के चक्कर में पुलिस प्रशासन ने बिना तथ्यों की सही से जांच किए ही कोरबा के एक पत्रकार को ही गिरफ्तार कर लिया। जबकि वास्तव में बाबा सत्यनारायण जी के ऊपर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर आकाश शर्मा को गिरफ्तार करने के बजाय अन्य व्यक्ति को आरोपी बनाकर वाहवाही लूट रहे है।

FIR दर्ज होते ही पहले आकाश के जगह सरोज को कर लिया गिरफ्तार !

28 जनवरी 2026 को दर्ज़ FIR में मुख्य आरोपी आकाश शर्मा को छोड़ पुलिस ने मामले को शांत करने कोरबा के स्थानीय पत्रकार सरोज कुमार रात्रे को 29 जनवरी की रात्रि 10:30 बजे ही घर से गिरफ्तार कर लिया।

सरोज रात्रे के पिता ने पुलिस अधीक्षक को बताया बिना नोटिस और नियम विरुद्ध गिरफ्तारी !

सरोज रात्रे के पिता ने पुलिस की गिरफ्तारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उनके पिता का आरोप है कि पुलिस ने उनके पुत्र को 10:30 रात्रि बिना किसी गिरफ्तारी सूचना, बिना उनका पक्ष जाने और नोटिस दिए ही कर दिया। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 7 वर्ष से कम सजा के अपराध के लिए आरोपी को 41(1) ए के तहत नोटिस देना अनिवार्य है उसके बाद भी पुलिस ने नियमों को ताक पर रखकर सरोज रात्रे को गिरफ़्तार किया।

सरोज रात्रे पत्रकार को “बिना तथ्य का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल, वीडियो बनाने वाले की पहचान अज्ञात” लिखने पर किया गिरफ्तार !

मामले में सरोज रात्रे जो स्वयं ही बाबा सत्यनारायण के भक्त है स्वयं अभद्र वीडियो से आहट होकर उनके द्वारा वीडियो बनाने वाले की पहचान जानने के लिए और उसे गिरफ्तार करने के लिए पोस्ट लिखा गया था न कि वीडियो में कोई टीका टिप्पणी की गई है। इसके बावजूद रायगढ़ पुलिस प्रशासन ने कोरबा के पत्रकार को बिना उचित जांच और अपने उपर लगे आरोपों के साक्ष्य प्रस्तुत करने के उचित अवसर दिए ही गिरफ्तार कर लिया गया जिससे पूरे जिले में उनकी छबि खराब हुई। वही मामले में न्यायालय ने सरोज को जमानत देने से इनकार करते हुए जेल दाखिल कर दिया है।

सरोज की गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन इकाई करतला-बरपाली ने किया निंदा ।

लगभग 6 से ज्यादा वर्षों से क्षेत्र में पत्रकारिता करने वाले सरोज रात्रे की नियम विरुद्ध गिरफ्तारी से कोरबा क्षेत्र के पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है। कोरबा के स्थानीय पत्रकार इसे लोकतंत्र की हत्या मान रहे है एक पत्रकार द्वारा शोभनीय वीडियो बनाने वाले के खिलाफ लिखने पर उल्टा मुख्य आरोपी को छोड़ सवाल खड़े करने को ही गिरफ्तार करना सही नहीं था। मामले को लेकर यूनियन के सदस्यों ने निंदा व्यक्त करते हुए कार्यवाही को पूर्णतः गलत और निंदनीय बताया है।

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