
कोरबा- टीबी की रोकथाम के लिए विभाग गंभीर है। टीबीमुक्त भारत अभियान के तहत जिले के हाई रिस्क 226 गांव में लोगों की स्क्रीनिंग करनी है। पहले संदिग्धों को जांच कराने अस्पताल जाना पड़ता था। अब मोबाइल डायग्नोस्टिक वैन से टीबी की रोकथाम करने जांच में तेजी आएगी। गांव-गांव में कैंप लगा वैन से जांच कर रिपोर्ट भी तुरंत दी जाएगी।
टीबी की जांच के लिए एक्स-रे व बलगम टेस्ट कराने अब मरीजों को अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब गांव में मोबाइल डायग्नोस्टिक वैन ऑन द स्पॉट जांच कर तुरंत रिपोर्ट देगी।
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग ने 226 गांव को हाई रिस्क श्रेणी में रखा है। ऐसे गांव में 14 वर्ष से ऊपर प्रत्येक व्यक्ति के छाती का निशुल्क एक्स-रे व बलगम टेस्ट किया जाएगा। खासकर संदिग्ध व उच्च जोखिम वाले मरीजों की जांच होगी। इसके लिए केंद्र सरकार से स्वास्थ्य विभाग को मोबाइल डायग्नोस्टिक वैन उपलब्ध कराई गई है। वाहन में सीबीनॉट व टूनॉट समेत अन्य आधुनिक मशीनें हैं, जिससे जांच कर तुरंत रिपोर्ट दी जाएगी। वैन विशेष रूप से ग्रामीण व वनांचल क्षेत्र के गांवों में पहुंचेगी, जहां विभाग की टीम कैंप लगाकर जांच कर टीबी मरीजों की पहचान करेगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ऐसे मरीजों को आगे की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाएगी। टीबी मरीजों की पहचान के लिए ब्लॉक मुख्यालयों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली, कटघोरा व पोड़ी-उपरोड़ा में भी एक्स-रे की सुविधा मिलेगी। शासन की ओर से सीएसआर से कटघोरा व पोड़ी-उपरोड़ा में एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई गई है। जिले को टीबीमुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को जल्द ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में सीएमएचओ डॉ. एसएन केशरी की अध्यक्षता में सभी औद्योगिक उपक्रमों के अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की बैठक ली गई। इसमें उन्हें अधीनस्थ कर्मचारियों व उनके परिवारों के साथ ही आस-पास क्षेत्र के आश्रित गांवों के लोगों की छाती का एक्स-रे करने कहा गया गया है, जिससे स्क्रीनिंग में तेजी आ सके।
वैन में मौजूद रहेगी विशेषज्ञों की टीम
मोबाइल डायग्नोस्टिक वैन में डिजिटल एक्स-रे से फेफड़ों के संक्रमण का तुरंत पता चल सकेगा। पॉजिटिव आने पर समय पर इलाज की सुविधा उपलब्ध करा सकेंगे। वैन में विशेषज्ञों की निगरानी में प्रशिक्षित स्टाफ से हर दिन औसतन 70 लोगों की जांच करने की क्षमता है। मैदानी अमले की ओर से जिनकी जांच कराई जाएगी, प्राथमिकता पर उनकी छाती का एक्स-रे व बलगम जांच कर तुरंत रिपोर्ट दी जाएगी।।
