
कोरबा- निजी अस्पताल के डॉक्टरों का एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसे जान आप भी दंग रह जाएंगे। पहले तो डॉक्टर मरीज की सेहत में सुधार का दावा करते रहे। इसके बाद फीस जमा कराने दबाव बनाना शुरू कर दिया। परिजनों ने आशंका होने पर मरीज को अन्यत्र रेफर करने की मांग की, लेकिन उनकी बातों को भी अनसुना कर दिया। उन्होंने फीस जमा होने के बाद मरीज को रेफर किया। जब मरीज को 50 मीटर दूर एक अन्य अस्पताल ले जाया गया, तो वह मृत मिला। जिससे आक्रोशित परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। वे पुलिस की समझाईश व निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर शांत हुए।
यह वाक्या सोमवार की देर रात कोसाबाड़ी स्थित एक निजी हास्पिटल में सामने आया है। दरअसल 2 नंबर शीतला मंदिर बांकीमोंगरा में जोहित राम पात्रे 40 वर्ष निवास करता था। वह कंपनी में काम कर पत्नी और दो बच्चों का पालन पोषण करते आ रहा था। रविवार को दोपहर उपरांत अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन बीपी व शुगर की शिकायत होने पर निजी वाहन से उसे लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां चल रहे इलाज से परिजन संतुष्ट नही थे। उन्होंने रात करीब 11 बजे जोहित को निजी हास्पिटल में दाखिल करा दिया। सोमवार की देर रात निजी हास्पिटल से युवक को रेफर किया गया। परिजन उसे लेकर महज 50 मीटर दूर एक अन्य अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत उसकी सांसें थम जाने की जानकारी दी। जोहित के मौत की खबर लगते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उनका आक्रोश निजी हास्पिटल के डॉक्टरों पर फूट पड़ा। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा अपनी टीम के साथ अस्तपाल पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जोहित के ठीक होने की बात कही जा रही थी। दोपहर में रिश्तेदार मिलने पहुंचे थे। उन्हें भी मरीज की सेहत में सुधार होने की जानकारी दी गई। उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति से अंजान रखा गया। रेफर किए जाने की मांग पर भी उचित जवाब नही दिया गया। उल्टे बार बार फीस जमा करने की बात कही गई। उन्होंने 11 हजार रूपए जमा कराए, तब कहीं जाकर मरीज को रेफर किया गया, परिजनों का आरोप है कि उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। परिजनों ने पुलिस ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर परिजन शांत हुए। बहरहाल पुलिस ने पोस्टमार्टम उपरांत शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। मामले में पीएम रिपोर्ट से ही मौत की वास्तविक कारण का खुलासा होगा।
