
अनोखा छत्तीसगढ़
कोरबा– प्रदेशभर के विधायक आने वाले दिनों में ऑनलाइन होंगे। सभी 90 विधायक और प्रभारी मंत्रियों को लॉग इन आईडी दी जाएगी। इस लॉग इन आईडी से सभी विधायक विकास कार्यों का प्रस्ताव एक क्लिक में शासन-प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए बिलासपुर संभाग में 15 अप्रैल को कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस नई प्रक्रिया से जिस विकास कार्यों के प्रस्ताव को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और आगे बढ़ाने में ही महीनों लग जाते हैं। वह काम एक से दो दिन में हो जाएगा। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही फाइल बनाने से लेकर पोस्ट करने में स्टेशनरी से लेकर डॉक भेजने जैसे कई तरह के खर्च भी बचेंगे। इससे शासन का पैसा व समय दोनों बचेगा। यह नया सिस्टम जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू होगा। प्रदेश के सभी 90 विधायकों को जल्द आईडी जारी की जाएगी। फिलहाल विधायक अपनी विधायक निधि से अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता की मांग के अनुरूप विकास काम जैसे सड़क, नाली, वाटर एटीएम, स्कूल में कमरे आदि बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए प्रस्ताव बनाते हैं। फिर उसे जिला प्रशासन को भेजते हैं। फिर जिला प्रशासन शासन को भेजता है। बार-बार रिमांइडर में पत्राचार किया जाता है। विभाग के चक्कर लगाने और लंबी कागजी कार्रवाई में महीनों लगते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। विधायक अपनी आईडी से सीधे प्रस्ताव अपलोड करेंगे। वह प्रशासन-शासन प्रशासन तक पहुंच जाएगा।
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सभी विधायक और मंत्री जुड़ेंगे
शासन ने एक साफ्टवेयर बनाया है। इसमें सभी 90 विधायक, 13 प्रभारी मंत्री, 33 जिला प्रशासन, स्टेट नोडल और क्रियान्वयन एजेंसियां जैसे नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा विभाग, आरईएस, पीएचई आदि सभी आपस में जुड़े होंगे। विधायक ऑनलाइन प्रस्ताव भेजेंगे, जो सीधे संबंधित विभाग में जिला प्रशासन के माध्यम से जाएगा। वहां जांच के बाद फौरन शासन को भेजा जाएगा। शासन जांच करेंगे उस विकास काम को करने वाली संस्थान को फाइल बढ़ा देगी। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। शुरू से अंत तक ट्रैस कर सकेंगे।
4 करोड़ तक पहुंच गई विधायक निधि
विधायक निधि करीब 20 साल में कई गुणा बढ़ गई है। 2004-05 में प्रदेश के विधायकों को 50 लाख देते थे। जो बढ़कर 2011-12 में एक करोड़ हुआ। वर्ष 2019-20 में बढ़कर 2 करोड़ हुआ। शासन ने वर्ष 2022-23 में कांग्रेस सरकार के समय बढ़ाकर सीधे 4 करोड़ रुपए कर दिया।
