
कोरबा- खेल प्रेमियों में आईपीएल क्रिकेट प्रतियोगिता का खुमार चढ़ा हुआ है। वे छोटे और बड़े पर्दे व मोबाइल पर मैच का लुत्फ उठा रहे हैँ। इधर क्रिकेट को लेकर सटोरिए भी सक्रिय हैं, जो हार व जीत को लेकर ऑन लाइन सट्टे पर दांव लगा रहे हैं। इसका खुलासा उस वक्त हुआ, जब पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक सटोरिए को दबोच लिया। वह अपने साथी के साथ मिलकर खेलो बाजी बुक नामक प्लेटफार्म के माध्यम से दांव लगवा रहा था। उसके मोबाइल में भारी रकम लेनदेन के हिसाब व 72 हजार रूपए बैलेंस मिले हैं। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
इंडियन प्रीमियर लीग यानि आईपीएल के 19 वें संस्करण की शुरूआत 28 मार्च से हो गई है। इस प्रतियोगिता में 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं। उनके बीच 74 मैच खेले जाएंगे। जैसे जैसे मैच आगे बढ़ रहे, खेल प्रेमियों में खुमार भी बढ़ता जा रहा है। आईपीएल के शुरू होते ही सटोरिए भी सक्रिय हो गए हैं। जिसके मद्देनजर पुलिस कप्तान सिद्धार्थ तिवारी ने सटोरियों की निगरानी बढ़ा दी है। उन्होंने आईपीएल की आड़ में सट्टे पर दांव लगाने व लगवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उनके निर्देश एएसपी लखन पटले व सीएसपी कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में पुलिस ने निगरानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कोतवाली पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम को सफलता हाथ लगी है। आला अफसरों को मुखबीर से सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति मोबाइल पर ऑनलाइन दांव लगा और लगवा रहे हैं। मुखबीर की सूचना पर संयुक्त टीम ने रेड कार्रवाई की। इस दौरान एक युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। संयुक्त टीम ने पकड़े गए युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम लक्ष्मणबन तालाब निवासी जशवीर राना बताया। उसने अपने साथी निखिल राजपूत के साथ खेलो बाजी बुक नामक प्लेटफार्म में दांव लगवाने की बात स्वीकार कर लिया। पुलिस ने सटोरिए से मिले मोबाइल की जांच की तो उसमें भारी लेनदेन के प्रमाण मिले। इसके अलावा 72 हजार रूपए बैलेंस मिला। मामले में आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम की धारा 6(क),7(1) के तहत कार्रवाई की है। मामले में फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
