मुढाली में टंकी में गिरा था एशियन पाल्म सिवेट, नोवा नेचर की टीम ने किया सफल रेस्क्यू

कोरबाजिला अपनी समृद्ध जैव-विविधता और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। यहां कई बार ऐसे जीव देखने को मिलते हैं जिनसे आम लोग चकित रह जाते हैं। इसी कड़ी में जिले के हरदी बाजार क्षेत्र के ग्राम मुढाली में एक ऐसी घटना घटी, जिसमें मानव और जीवों के बीच प्रेम भावना दिखी।
दरअसल हरदीबाजार क्षेत्र के ग्राम मुढाली में बन रही टंकी में एक एशियन पाल्म सिवेट (बज्जू) कुछ दिनों से गिरा हुआ था। उसे बचाने के उद्देश्य से उसमें सीढ़ी लगा दी गई थी, ताकि वह खुद ही बाहर निकल जाए, पर वह नहीं निकल पाया। जब गांव वालों को समझ आ गया कि इसका निकलना संभव नहीं है, तो गांव के एक युवक भूपेंद्र दास ने घटना की जानकारी तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम (नोवा नेचर) के जितेंद्र सारथी को दी। इसके बाद मामले की जानकारी कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत को दी गई। उनके मार्गदर्शन में जितेंद्र सारथी ने अपनी टीम के राजू बर्मन और बबलू मारवा को तत्काल ग्राम मुंडाली के लिए रवाना किया। गांव पहुंचने पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब एक घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी जोखिम भरा रहा पर आखिरकार बड़ी मेहनत और सूझबूझ से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सफल रेस्क्यू के बाद गांव वालों के साथ वन विभाग ने राहत की सांस ली। फिर पंचनामा तैयार करने के पश्चात बज्जू को उसके प्राकृतिक रहवास में छोड़ा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में मुख्य रूप से कटघोरा रेंजर शुभम मिश्रा, राजू बर्मन, बबलू मारवा, बीट प्रभारी रज्जन सिंह, परिक्षेत्र सहायक संतोष कुमार रात्रे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि एशियन पाल्म सिवेट एक रात्रिचर जीव होता है, जो मुख्यत: रात के समय सक्रिय रहता है और दिन में पेड़ों या सुरक्षित स्थानों पर आराम करता है। इसका आहार सर्वाहारी होता है, जिसमें फल, जामुन, कीट-पतंगे, छोटे जीव और कभी-कभी पक्षियों के अंडे शामिल होते हैं। यह बीजों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे वन पारिस्थितिकी को बनाए रखने में मदद मिलती है। साथ ही, यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची- 1के अंतर्गत आती है, जिसे सर्वोच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है।

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