
कोरबा- युवक को नशा और घूमने फिरने की शौक ने चोर बना दिया। उसने अपनी ही मां के आलमारी से करीब 71 ग्राम वजनी सोने के जेवर को पार दिया। अपने एक परिचित की मदद से जेवर को एक सोनार के पास खपा दिया। वह जेवर की बिक्री से मिले रकम को होटल में ठहरने और खाने पीने में खर्च करता रहा। मामले में पुलिस ने युवक और उसके साथी को दबोच लिया है। उनकी निशानदेही पर 60 हजार नगदी व मंगलसूत्र को बरामद किया गया है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एमपी नगर कालोनी में महिला निवास करती है। उन्होंने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि अपने आलमारी में नेकलेस, मंगलसूत्र, कान के झुमके, अंगूठी सहित करीब 71 ग्राम वजनी सोने के जेवर रखी हुई थी। 28 मार्च को आलमारी खोलने पर जेवर गायब मिले। किसी ने जेवर को पार कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान सिद्धार्थ तिवारी ने जांच व कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए। उनके निर्देश एएसपी लखन पटले व सीएसपी कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। इस दौरान पुलिस को प्रार्थिया के पुत्र 19 वर्षीय पुत्र पर संदेह हो गया। पुलिस ने पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया। दरअसल पुत्र बुरी संगत में पड़ गया था। उसने नशा और घूमने फिरने की शौक को पूरा करने अपने ही घर से चोरी कर ली। उसने जेवर को अपने एक परिचित रामहरी गिड्डे 44 वर्ष की मदद से एक सोनार के पास महज तीन लाख रूपए में बेच दिया। उसने जेवर की बिक्री से मिले रकम को शौक पूरा करने में खर्च कर दिया। पुलिस ने उससे मिली जानकारी के आधार पर रामहरी गिड्डे को भी दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर 60 हजार नगदी व 8.2 ग्राम वजनी मंगलसूत्र को बरामद किया है। मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए सोनार की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
