
कोरबा- वैशाख माह की शुरूआत होते ही आमतौर पर भीषण गर्मी का असर देखने को मिलता है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण बाजारों में कूलर और खस की मांग चरम पर पहुंच जाती है। हर साल इस समय ग्राहकों की भीड़ दुकानों में उमड़ती है, लेकिन इस बार मौसम के बदले मिजाज ने व्यापारियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। शहर में कोसाबाड़ी, निहारिका, बुधवारी, टीपी नगर, पावर हाउस रोड सहित शहर के विभिन्न जगहों पर खस बिक्री के दुकान लगाए गए हैं।
पिछले कुछ दिनों से आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। सुबह और शाम के समय ठंडी हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। ऐसे में कूलर और खस की जरूरत महसूस नहीं हो रही, जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। कूलर और खस के व्यापारियों का कहना है कि वैशाख माह में जहां बिक्री अपने चरम पर रहती थी, वहीं इस बार ग्राहक पूछताछ तक नहीं कर रहे हैं। दुकानों में स्टॉक भरा पड़ा है, लेकिन खरीदार नहीं आने से व्यापारी मायूस नजर आ रहे हैं। कई व्यापारियों ने पहले से ही बड़ी मात्रा में खस और कूलर का स्टॉक मंगवा लिया था, जिसे बेच पाना अब चुनौती बन गया है। व्यापारियों के अनुसार यदि आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी नहीं होती है, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं दूसरी और आम लोगों को इस मौसम बदलाव से राहत जरूर मिली है, लेकिन इससे जुड़े कारोबार पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। मौसम के अप्रत्याशित बदलाव ने यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक परिस्थितियों का बाजार और व्यापार पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है। अब व्यापारियों की निगाहें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं, ताकि गर्मी बढ़े और बाजार में फिर से रौनक लौट सके।
