

अचानक दबाव बढ़ने से टूटा राखड़ डेम, राख के सैलाब में बहा ऑपरेटर; राहत-बचाव जारी, प्रबंधन की लापरवाही का आरोप
कोरबा – कोरबा जिले में औद्योगिक क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक हादसा सामने आया है, जिसने एक बार फिर सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। एचटीपीपी के अंतर्गत ग्राम झाबू स्थित राखड़ डेम के अचानक फूटने से वहां कार्यरत एक JCB ऑपरेटर राख के भारी मलबे में दब गया जहां उसकी जान चली गई, घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अचानक भरभराकर टूटा डेम, संभलने का मौका तक नहीं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीएसईबी पश्चिम के इस राखड़ डेम के एक हिस्से में अचानक दबाव बढ़ा, जिसके चलते देखते ही देखते डेम टूट गया और राख का तेज बहाव शुरू हो गया। उसी समय एक JCB मशीन डेम क्षेत्र में काम कर रही थी। ऑपरेटर को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह मशीन सहित राख के दलदल में समा गया।
मौके पर मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों ने तत्काल ऑपरेटर को बचाने की कोशिश की, लेकिन राख का दबाव और बहाव इतना तेज था कि कोई भी पास नहीं जा सका। कुछ ही मिनटों में ऑपरेटर पूरी तरह मलबे में दब गया। हादसे की सूचना मिलते ही प्रबंधन और सुरक्षा अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। हालांकि शुरुआती हालात को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि ऑपरेटर की जान बच पाना मुश्किल है।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों और मजदूरों का कहना है कि राखड़ डेम की स्थिति पहले से ही चिंताजनक थी। कई बार सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी गई, लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि नियमित निगरानी और रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही थी। यह पहला मामला नहीं है जब राखड़ डेम की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी छोटे-मोटे रिसाव और दरार की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, राखड़ डेम जैसे संवेदनशील ढांचों में नियमित तकनीकी जांच और दबाव नियंत्रण अत्यंत आवश्यक होता है, इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मजदूरों की सुरक्षा को लेकर आखिर कब तक इस तरह की लापरवाही जारी रहेगी? क्या हर बार एक जान जाने के बाद ही व्यवस्था जागेगी
