
कोरबा– जिलेवासियों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में राहत भरी खबर निकलकर सामने आई है। अब बीमार अथवा हादसे में घायल मरीज को अस्पताल ले जाने सरकारी एम्बुलेंस का इंतजार नही करना पड़ेगा। किसी भी गंभीर मरीज की जान समय रहते अस्पताल पहुंचाकर बचाई जा सकेगी। दरअसल दो दिन बाद कंडम हो चुके संजीवनी एक्सप्रेस सड़क से गायब हो जाएंगे। उनका स्थान नई और चमचमाती 11 एम्बुलेंस ले लेंगी। कंट्रोल रूम से इवेंट मिलते ही पूर्व की तरह कर्मचारी मरीज को एम्बुलेंस में लेकर अस्पताल पहुंचेंगे।
प्रदेश में 15 साल पहले 25 जनवरी 2011 को संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा की शुरूआत हुई थी। यह आपातकालीन सेवा शुरू करने के पीछे शासन का मुख्य उद्येश्य बीमार मरीज अथवा हादसे में घायलों को अस्पताल पहुंचाना था, ताकि समय रहते उपचार उपलब्ध करा जान बचाई जा सके। यह सेवा संचालित करने की जिम्मेदारी जय अम्बें इमरजेंसी सर्विस नामक कंपनी को दी गई थी। शासन की ओर से जिले में भी 11 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस आबंटित किए गए थे, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर 11 लोकेशन में भेजा गया था। जिसका परिचालन एजेंसी के ईएमटी व पायलट कर रहे थे। यह सेवा शुरू होने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली थी। सुदूर वनांचल ग्राम के अलावा शहरी व उप नगरीय क्षेत्र में भी लोग मरीज को अस्पताल ले जाने संजीवनी एक्सप्रेस की मदद ले रहे थे, लेकिन बीते कुछ दिनों से व्यवस्था चरमरा गई थी। लोग संजीवनी एक्सप्रेस की मदद लेने कंट्रोल रूम कॉल तो करते, लेकिन सेवा मिलने की गारंटी नही होती थी। मजबूरन लोगों को निजी अथवा किराए के वाहन से मरीज को अस्पताल ले जाना पड़ता था। कई बार इवेंट मिलने पर कर्मचारी कंडम वाहन से ही मरीज को अस्पताल ले जाते थे। जिलेवासियों को दो दिन बाद सारी समस्याओं से निजात मिल जाएगी। वे नई व चमचमाती संजीवनी एक्सप्रेस से मरीज को अस्पताल ले जा सकेंगे, जहां समय रहते उपचार उपलब्ध करा मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। दरअसल टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद संजीवनी एक्सप्रेस सेवा की जिम्मेदारी जीवीके नामक एजेंसी को सौंप दी गई है। यह एजेंसी नए वित्तीय वर्ष से जवाबदारी संभाल लेगी। इससे पहले राजधानी रायपुर में पूरे प्रदेश भर के लिए 370 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस हरी झंडी दिखाकर रवाना किए जाएंगे, जिसमें जिले के लिए भी 11 एम्बुलेंस शामिल है। देर रात तक एम्बलेंस कोरबा पहुंच जाएगी। इन एम्बुलेंस को पूर्व की तरह प्राथमिकता के आधार पर अलग अलग क्षेत्र में भेजा जाएगा, ताकि सेवा सुचारू रूप से संचालित हो सके। इसके साथ ही मरीज को अस्पताल ले जाने एम्बुलेंस की कमी दूर हो जाएगी।
पांच अतिरिक्त संजीवनी एक्सप्रेस की मांग
