
जिले में 3000 मैनपावर करेंगे जनगणना: कलेक्टर, 0 1 मई से घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व मकानों की शुरू होगी गणना
कोरबा– भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना का कार्य 16 से 30 अप्रैल तक संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि आम जन इस प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कर सकें। जिले में 24 चार्ज हैं, जिसमें 12 तहसील में तहसीलदार चार्ज अधिकारी है। 5 नगरीय निकाय में 4 मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा 1 नगर निगम में 7 जोन ऑफिसर चार्ज अधिकारी हैं।
उक्त जानकारी प्रेस वार्ता में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दी। कलेक्टर ने बताया कि जिले में कुल 2073 एचएलबी का गठन किया गया है। जिले में जनगणना के लिए 2384 प्रगणक व 423 सुपरवाईजर नियुक्त किए गए हैं। इस प्रकार जिले में लगभग 3000 मैनपावर जनगणना के लिए निर्धारित किए गए हैं। जनगणना 2027 के लिए प्रगणक व सुपरवाईजर के प्रशिक्षण 24 अप्रैल तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। तत्पश्चात 1 मई से घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व मकानों की गणना की जाएगी। इसके अंतर्गत सुविधाओं से संबंधित 33 सवाल निर्धारित किए गए हैं। जिनके माध्यम से आंकड़ो का संग्रहण विकास कार्य के लिए किया जाएगा। जिला प्रशासन ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे भारत सरकार, गृह मंत्रालय और जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा दिये लिंक se.census.gov.in का उपयोग कर स्व-गणना पूर्ण कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से ऐप पर साइन-इन कर सकता है। जनगणना से संबंधित पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर सबमिट करने पर एक एस ई आई डी प्राप्त होगा। मकान सूचीकरण की अवधि 1 मई से 30 गई के दौरान जब प्रगणक आएंगे, तब उन्हें यह एस ई आई डी दिखाकर विवरण सत्यापित कराया जा सकेगा। डिजिटल माध्यम से गणना करने पर समय की बचत होगी और सरकार को गुणवत्तापूर्ण व सटीक आंकड़े प्राप्त होंगे। प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि व्यक्ति द्वारा दी गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जायेगी। जिले के सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ‘स्व-गणना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक नागरिक लिंक का उपयोग कर स्व-गणना करें। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना केवल संख्या नहीं, बल्कि देश की जनसांख्यिकी (आर्थिक गतिविधि, साक्षरता, आवास, शहरीकरण, प्रजनन क्षमता, भाषा, धर्म, और दिव्यांगता आदि) का सबसे विश्वसनीय स्रोत है। ये आंकड़े जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्माण, संसाधनों का न्यायोचित वितरण का आधार बनते हैं।
दो चरणों में होगी जनगणना
प्रथम चरण मई में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी।इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों की जानकारी जुटाई जायेगी, जो जनसंख्या गणना हेतु आधार तैयार करेगा। द्वितीय चरण जनसंख्या की मुख्य गणना होगी, जिसमें व्यक्तियों का व्यक्तिगत विवरण एक निश्चित संदर्भ तिथि पर दर्ज किया जायेगा।
