12वीं हिंदी की परीक्षा: छात्रों ने कहा-पेपर आसान, ज्यादा परेशानी नहीं हुई


कोरबाजिले सहित प्रदेश में शुक्रवार को 12वीं कक्षा की हिंदी परीक्षा आयोजित हुई। पेपर लीक की घटना के बाद सुरक्षा पहले से बढ़ाई गई थी। विद्यार्थियों को केंद्रों में प्रवेश से पहले पूरी जांच से गुजरना पड़ा।
12वीं की परीक्षा 14 मार्च को हुई थी, लेकिन उसी रात सोशल मीडिया में पेपर वायरल होने पर माशिमं ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद दोबारा परीक्षा 10 अप्रैल को ली गई। परीक्षा को लेकर विद्यार्थी शुरुआत में नाखुश दिखे, लेकिन परीक्षा देकर बाहर निकलते समय वे संतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र पहले की परीक्षा जैसा ही था और हल करने में मुश्किल नहीं हुई। जिले के 98 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा कराई गई। परीक्षा जिले में सुबह 9 बजे शुरू हुई। सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षा शांतिपूर्वक हुई। दोबारा परीक्षा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। परीक्षा केंद्र के बाहर ही विद्यार्थियों की जांच की गई। जिले में नकल का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। सभी केंद्रों में परीक्षा के लिए पहले से जरूरी व्यवस्थाएं कर दी गई थीं, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो। परीक्षा देकर निकले ने विद्यार्थियों ने कहा कि पहले वाला पेपर बेहतर था, दोबारा हुआ पेपर थोड़ा कमतर लगा, लेकिन पासिंग मार्क्स से ज्यादा नंबर मिलने की संभावना है। प्रश्न पत्र सामान्य था और पहले वाली परीक्षा से मिलता-जुलता था। उन्होंने कहा कि अच्छे नंबर मिलेंगे।

हिंदी कठिन विषय, लिखावट पर मिलते हैं पूरे अंक
विषय विशेषज्ञ बताते हैं कि हिंदी सरल विषय नहीं है। मूल्यांकन प्रणाली पिछले कुछ सालों में बदली है और प्रश्न पूछने का तरीका भी। इससे विद्यार्थियों को पूरे नंबर मिल रहे हैं। बच्चों की लिखने की प्रेक्टिस बढ़ी है। हिंदी का प्रश्न पत्र 80 अंकों का और 20 अंक प्रोजेक्ट के थे। निबंध, आवेदन और प्रश्नों के छिपे विकल्प समझकर हल करने से पूरे अंक मिलते हैं। हिंदी साहित्य समाज से जुड़ा होता है और प्रश्नों में छात्रों के विचार पूछे जाते हैं।

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