
कोरबा– एसईसीएल नेहरू शताब्दी चिकित्सालय (एनसीएच) गेवरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कोयला मजदूर सभा (एचएमएस) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के गेवरा प्रोजेक्ट सेक्रेटरी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी पर तानाशाही व पद के दुरूपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किए गए तीन पत्रों को निरस्त करने व मेडिकल बिल के समय पर भुगतान को लेकर महाप्रबंधक को पत्र लिखा है।
एचएमएस गेवरा प्रोजेक्ट सेक्रेटरी एससी मंसूरी ने पत्र में उल्लेख किया है कि नेहरू शताब्दी चिकित्सालय गेवरा क्षेत्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। पद का दुरूपयोग करते हुए तरह तरह के पत्र जारी कर गेवरा प्रोजेक्ट व क्षेत्र के कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। दवाई लिमिट का प्रतिबंध व समय पर मेडिकल बिल का भुगतान नहीं किया जा रहा है। चिकित्सालय को सेंट्रल हॉस्पिटल का नाम दिया गया है, जो आज की तारीख में सिर्फ रेफर सेंटर बना हुआ है। डॉक्टरों, नसों, ईसीजी टेक्निशियन, ड्रेसर व अन्य स्टाफ की भारी कमी है, जो स्टाफ हैं, वे पूरी लगन व मेहनत से कार्य कर रहे हैं। उसके बाद भी यहां के कर्मचारियों को संडे व पीएच ड्यूटी के लिए मिन्नत करनी पड़ती है। श्री मंसूरी ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा संडे व पीएच ड्यूटी देने में भेदभाव करते हुए चहेतों को पूरी सुविधा प्रदान की जा रही है। जिसके कारण कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों को दवाई न मिलने की स्थिति में बाहर से खरीदना पड़ता है। जब बिल भुगतान की बारी आती है तो दवाईयों का रैपर व पैकेट मांगा जाता है। यह नहीं लाए जाने पर बिल पास नहीं होता है। इस तरह कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। एचएमएस ने महाप्रबंधक को 15 दिवस के भीतर चर्चा कर समस्या निराकरण की मांग की है। ताकि औद्योगिक शांति कायम रहे। दिए गए समय के भीतर प्रबंधन द्वारा सकारात्मक पहल न किए जाने पर चिकित्सालय के सामने हड़ताल की चेतावनी दी गई है। जिसमें धरना प्रदर्शन व क्रमिक भूख हड़ताल शामिल है।
