
कोरबा– शासकीय माध्यमिक शाला साडा में वार्षिक परीक्षा की समाप्ति के बाद मार्शल आर्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ भारत विकास परिषद की महिला शाखा (शक्तिस्वरुपा) द्वारा विद्यालय प्रबंधन के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आत्मरक्षा के गुर सिखाना तथा उनमें आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना विकसित करना है।
प्रशिक्षण में विद्यालय के कक्षा छठवीं से आठवीं तक के छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षक महेश देवांगन, पूजा मिश्रा द्वारा कराटे एवं अन्य मार्शल आर्ट तकनीकों का प्रारंभिक अभ्यास कराया गया, जिससे छात्रों ने अपनी सुरक्षा के महत्वपूर्ण कौशल सीखे।विद्यालय के प्रधान पाठक बी एल देवांगन ने कहा कि मार्शल आर्ट प्रशिक्षण छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त करता है। विद्यालय की शिक्षिका सविता राठौर द्वारा बताया कि यह आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यालय में 11 अप्रैल से प्रतिदिन सुबह 8 से 9 तक 15 दिवस के लिए संचालित किया जाना है। ऐसे आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम से बालिकाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि होने के साथ-साथ समयबद्धता, संयम जैसी भावनाओं का विकास होता है। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने अपने सीखे हुए कौशल का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित व्याख्याताओं एवं शिक्षकों ने सराहा। विद्यालय प्रबंधन ने समर कैम्प में मार्शल आर्ट के आयोजक भारत विकास परिषद की महिला इकाई अध्यक्षा सुषमा दानी एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। जिन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया, जिससे बालिकाएं समाज में व्याप्त चुनौतियों का सामना करने हेतु शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार हो सके, स्वयं के सुरक्षा के लिए सजग हो सके।
